फॉर्म 121 ने 15G और 15H की जगह ली — आपको क्या जानना चाहिए

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Jaspal Singh

लेखक

4 April 2026
7 मिनट पढ़ने का समय
फॉर्म 121 ने 15G और 15H की जगह ली — आपको क्या जानना चाहिए
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फॉर्म 15G और 15H खत्म — आ गया फॉर्म 121

अगर आपने कभी अपने बैंक में फॉर्म 15G या फॉर्म 15H जमा किया है ताकि आपकी FD के ब्याज पर TDS न कटे, तो यह जानना जरूरी है: अब ये फॉर्म नहीं रहे।

1 अप्रैल 2026 से, नए आयकर अधिनियम 2025 ने दोनों को एक ही फॉर्म से बदल दिया है — फॉर्म 121। चाहे आपकी उम्र 25 हो या 75, अब सबके लिए बस एक ही फॉर्म है।

यह नए टैक्स कानून में सबसे सरल लेकिन सबसे प्रभावी बदलावों में से एक है। आइए पूरी जानकारी लेते हैं।

फॉर्म 121 क्या है?

फॉर्म 121 एक स्व-घोषणा (self-declaration) है जो आप भुगतानकर्ता (जैसे बैंक, पोस्ट ऑफिस, या किरायेदार) को देते हैं, जिसमें कहते हैं: “इस साल मेरी कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, इसलिए कृपया TDS न काटें।”

यह ठीक वैसे ही काम करता है जैसे पुराने फॉर्म 15G और 15H करते थे — लेकिन अब यह सभी पात्र करदाताओं के लिए एक ही फॉर्म है, उम्र चाहे कोई भी हो।

यह बदलाव क्यों?

पुरानी व्यवस्था में, 60 साल से कम उम्र के लोगों को फॉर्म 15G भरना पड़ता था, जबकि वरिष्ठ नागरिकों (60+) को फॉर्म 15H। एक ही उद्देश्य, दो अलग फॉर्म। इससे भ्रम, गलत फॉर्म जमा करना, और अस्वीकृत घोषणाएं होती थीं। फॉर्म 121 यह सब खत्म करता है।

फॉर्म 121 कौन भर सकता है?

पात्र

  • निवासी व्यक्ति — कोई भी उम्र (60 से कम, वरिष्ठ नागरिक 60+, सुपर सीनियर 80+)
  • हिंदू अविभाजित परिवार (HUF)
  • अन्य निर्दिष्ट संस्थाएं जो मानदंड पूरे करती हैं

अपात्र

  • कंपनियां और फर्म
  • अनिवासी भारतीय (NRI)
  • जिनकी अनुमानित कर देनदारी शून्य नहीं है

मुख्य शर्त वही रहती है: कर वर्ष के लिए आपकी अनुमानित कुल आय पर शून्य कर देनदारी होनी चाहिए। नई कर व्यवस्था के तहत, इसका मतलब है ₹12 लाख तक की आय (धारा 87A छूट के कारण)।

कौन सी आय प्रकार शामिल हैं?

फॉर्म 121 कई प्रकार की आय पर TDS कटौती रोकता है:

आय प्रकारसामान्य उदाहरण
जमा पर ब्याजबैंक FD, RD, पोस्ट ऑफिस जमा
लाभांशशेयर और म्यूचुअल फंड से डिविडेंड
किरायाकिरायेदारों से किराया आय
PF निकासी5 साल से पहले EPF निकासी
पेंशनमासिक पेंशन भुगतान
बीमा कमीशनबीमा एजेंटों द्वारा अर्जित कमीशन
जीवन बीमा भुगतानकुछ पॉलिसियों की परिपक्वता राशि
म्यूचुअल फंड आयरिडेम्पशन राशि, लाभांश

सबसे आम उपयोग पहले जैसा ही है: FD ब्याज पर TDS रोकना। अगर आपकी कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो बैंक को आपके ब्याज पर टैक्स नहीं काटना चाहिए — और फॉर्म 121 यही सुनिश्चित करता है।

अपनी अपेक्षित ब्याज आय जांचने के लिए हमारा FD कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

फॉर्म 121 कैसे भरें: कदम दर कदम

  1. अपनी पात्रता जांचें — क्या कर वर्ष के लिए आपकी कुल आय पर शून्य कर होगा? अगर हां, तो आप पात्र हैं।
  2. फॉर्म डाउनलोड करें आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने बैंक के पोर्टल से।
  3. अपना विवरण भरें — नाम, PAN (अनिवार्य), निवास स्थिति, अनुमानित कुल आय, और जिस आय पर TDS छूट चाहते हैं।
  4. हर भुगतानकर्ता को अलग से जमा करें — अगर आपकी 3 बैंकों में FD है, तो हर बैंक को अलग से फॉर्म 121 देना होगा।
  5. आय जमा होने से पहले जमा करें — बैंक द्वारा ब्याज जमा करने से पहले यह भरना होगा, बाद में नहीं।
  6. एक प्रति अपने पास रखें

महत्वपूर्ण: आप ऑनलाइन (अगर बैंक की सुविधा हो) या शाखा में भौतिक पेपर फॉर्म के रूप में जमा कर सकते हैं।

नई UIN प्रणाली

फॉर्म 121 में सबसे स्मार्ट अपग्रेड यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) प्रणाली है।

जब आपका बैंक फॉर्म 121 प्राप्त करता है, तो उसे एक UIN दिया जाता है जिसमें शामिल होता है:

  • एक क्रम संख्या
  • संबंधित कर वर्ष
  • भुगतानकर्ता का TAN (Tax Account Number)

यह UIN बैंक के तिमाही TDS स्टेटमेंट (फॉर्म 140) में दर्ज किया जाता है, जिससे आयकर विभाग के लिए हर घोषणा को ट्रैक और सत्यापित करना आसान हो जाता है।

मुख्य समय सीमाएं

कार्यसमय सीमा
भुगतानकर्ता को फॉर्म 121 जमा करेंआय जमा/भुगतान होने से पहले
भुगतानकर्ता मासिक विवरण अपलोड करेअगले महीने की 7 तारीख तक
भुगतानकर्ता तिमाही TDS रिटर्न दाखिल करेफॉर्म 140 के साथ

सुझाव: फॉर्म 121 अपने बैंक में वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल) में ही जमा करें ताकि पहले ब्याज भुगतान से ही TDS न कटे।

फॉर्म 121 बनाम पुराने 15G/15H

विशेषतापुरानी व्यवस्था (15G/15H)नया फॉर्म 121
फॉर्मों की संख्यादो (60 से कम के लिए 15G, 60+ के लिए 15H)एक ही एकीकृत फॉर्म
उम्र-आधारित चयनहां — सही चुनना जरूरी थानहीं — सभी उम्र के लिए एक फॉर्म
ट्रैकिंग प्रणालीमैन्युअल, त्रुटि-प्रवणUIN-आधारित डिजिटल ट्रैकिंग
स्मार्ट फीचरकोई नहींऑटो-पॉपुलेशन, वैलिडेशन, API इंटीग्रेशन
लागू कानूनआयकर अधिनियम, 1961आयकर अधिनियम, 2025
प्रभावी31 मार्च 2026 तक1 अप्रैल 2026 से

बचने योग्य सामान्य गलतियां

  • PAN के बिना फाइल करना: PAN के बिना आपकी घोषणा अमान्य है। बैंक 20% की उच्च दर पर TDS काटेगा।
  • ब्याज जमा होने के बाद जमा करना: फॉर्म 121 आय भुगतान या जमा होने से पहले जमा करना होगा। देर से जमा करने पर पहले से कटा TDS नहीं रुकेगा।
  • आय सीमा से अधिक होने पर फाइल करना: फॉर्म 121 केवल शून्य कर देनदारी वालों के लिए है। गलत फाइल करने पर आयकर अधिनियम के तहत जुर्माना लग सकता है।
  • केवल एक बैंक में जमा करना: आपको हर भुगतानकर्ता — हर बैंक, पोस्ट ऑफिस, या किरायेदार — को अलग से फाइल करना होगा।
  • यह सोचना कि यह टैक्स से छूट देता है: फॉर्म 121 केवल TDS कटौती रोकता है। अगर आपकी आय कर योग्य हो जाती है, तो रिटर्न दाखिल करते समय आपको टैक्स देना होगा।

अन्य नए टैक्स फॉर्म जो आपको जानने चाहिए

पुराना फॉर्मनया फॉर्मउद्देश्य
फॉर्म 16फॉर्म 130नियोक्ता से वेतन TDS प्रमाणपत्र
फॉर्म 15G/15Hफॉर्म 121TDS छूट घोषणा
फॉर्म 26ASफॉर्म 155वार्षिक कर विवरण
फॉर्म 123अनुलाभ और फ्रिंज लाभ (नया)
फॉर्म 140फॉर्म 140तिमाही TDS स्टेटमेंट (बरकरार)

फॉर्म 121 अभी कौन भरे?

अगर इनमें से कोई भी आप पर लागू होता है, तो इस महीने अपने बैंक में फॉर्म 121 जमा करें:

  • सेवानिवृत्त और वरिष्ठ नागरिक जिनकी FD ब्याज मुख्य आय है, जहां कुल आय ₹12 लाख से कम है
  • गृहिणियां जिनके नाम पर FD है और सालाना ब्याज ₹40,000 से अधिक है
  • छात्र या युवा कमाने वाले जिनके बचत खाते या FD है लेकिन कर योग्य आय नहीं है
  • कोई भी जिसकी आय कर योग्य सीमा से कम है और ब्याज, किराया, लाभांश, या पेंशन प्राप्त करता है

नई व्यवस्था के तहत अपनी कर देनदारी जांचने के लिए हमारा टैक्स कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

सारांश

फॉर्म 121 एक स्वागत योग्य सरलीकरण है। दो की जगह एक फॉर्म, स्मार्ट UIN ट्रैकिंग सिस्टम, और वही मूल उद्देश्य: जब आपकी आय कर योग्य सीमा से कम हो तो अनावश्यक TDS रोकना

अगर आप हर साल फॉर्म 15G या 15H भरते थे, तो बस फॉर्म 121 पर स्विच करें। प्रक्रिया लगभग वही है — फॉर्म का नाम और नंबर बदला है, विचार नहीं। अप्रैल में ही बैंक में जमा करें और पूरे साल अनावश्यक TDS से बचें।

अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और कर सलाह नहीं है। कृपया अपनी स्थिति के अनुसार सलाह के लिए किसी योग्य कर सलाहकार या चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क करें।

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