नई कर व्यवस्था में कौन सी छूट खोते हैं — पूरी सूची
Jaspal Singh
लेखक

वह सौदा जो आपको समझना होगा
नई कर व्यवस्था (अप्रैल 2026 से डिफॉल्ट) एक आकर्षक सौदा देती है: ₹12 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स, कम स्लैब दरें, और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
लेकिन एक पकड़ है। आपको लगभग सभी छूट और कटौतियाँ छोड़नी होंगी। आइए जानते हैं क्या खोते हैं और क्या बचता है।
नई व्यवस्था में जो छूट खत्म
धारा 80C निवेश (₹1.5 लाख)
सबसे बड़ा नुकसान। पुरानी व्यवस्था में ₹1.5 लाख निवेश करके ₹46,800 तक टैक्स बचते थे:
- PPF — PPF कैलकुलेटर
- ELSS (टैक्स-सेविंग म्यूचुअल फंड)
- LIC प्रीमियम, NSC, 5 साल FD
- बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन मूल
नई व्यवस्था में: इनमें से कोई कटौती नहीं।
धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा (₹25,000–₹1 लाख)
- स्वयं + परिवार: ₹25,000 तक
- माता-पिता (वरिष्ठ): ₹50,000 तक
- कुल: ₹1 लाख तक संभव
नई व्यवस्था में: जीरो कटौती।
HRA (मकान किराया भत्ता)
मेट्रो शहरों में वेतनभोगियों के लिए सबसे बड़ी छूटों में से एक। मुंबई में ₹25,000/महीना किराये पर HRA से सालाना ₹60,000–80,000 टैक्स बचत।
नई व्यवस्था में: पूरी तरह खत्म।
अन्य खोई गई छूटें
| छूट | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था |
|---|---|---|
| LTA (यात्रा भत्ता) | उपलब्ध | ✘ नहीं |
| 80E (शिक्षा लोन ब्याज) | पूरा ब्याज | ✘ नहीं |
| 80G (दान) | 50-100% छूट | ✘ नहीं |
| होम लोन ब्याज (24b) | ₹2 लाख तक | ✘ नहीं |
| प्रोफेशनल टैक्स | ₹2,500 | ✘ नहीं |
नई व्यवस्था में जो बचता है
| लाभ | राशि | विवरण |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | ₹75,000 | स्वचालित, निवेश नहीं चाहिए |
| नियोक्ता NPS योगदान | वेतन का 14% तक | अगर नियोक्ता आपके लिए NPS में देता है |
| धारा 87A छूट | ₹12 लाख तक जीरो टैक्स | नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा |
| गिफ्ट वाउचर | ₹15,000/साल | नियोक्ता से (नया बढ़ा हुआ) |
किसे पुरानी व्यवस्था में रहना चाहिए?
- ₹2 लाख होम लोन ब्याज + ₹1.5 लाख 80C + ₹25K 80D = ₹3.75 लाख+ छूट
- मेट्रो में भारी किराया देते हैं (HRA से ₹60K-80K बचत)
- शिक्षा लोन है (80E छूट)
किसे नई व्यवस्था में जाना चाहिए?
- ₹12 लाख से कम आय: जीरो टैक्स। कोई सोच नहीं।
- न होम लोन, न HRA: दो सबसे बड़ी छूटें वैसे भी नहीं मिलतीं।
- ₹20 लाख+ आय, कम छूटें: कम स्लैब दरों (10%, 15%, 20%) से अधिक बचत।
कैसे तय करें
सबसे अच्छा तरीका: दोनों व्यवस्थाओं की अपनी असली आय और छूटों से गणना करें। हमारा टैक्स कैलकुलेटर दोनों व्यवस्थाओं की तुलना करता है।
आप ITR फाइल करते समय हर साल व्यवस्था बदल सकते हैं। आप लॉक नहीं हैं।
सारांश
अगर आप ₹12 लाख से कम कमाते हैं — नई व्यवस्था में जाएं, जीरो टैक्स दें।
अगर अधिक कमाते हैं और भारी छूटें हैं (होम लोन + 80C + 80D + HRA), तो पुरानी व्यवस्था सालाना ₹50,000–1,50,000 अधिक बचा सकती है। नंबर चलाकर तय करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और कर सलाह नहीं है। कृपया चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।
लेखक
Jaspal Singh
भारतीयों को बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद करना — सरल, व्यावहारिक सलाह के माध्यम से।


